पुस्तक - अर्थशास्त्र में सांख्यिकीय अर्थशास्त्र के लिए सांख्यिकी परिचय CHAPTER – (1) QUESTIONS AND ANSWARS
पुस्तक - अर्थशास्त्र में
सांख्यिकीय
अर्थशास्त्र के लिए सांख्यिकी परिचय
CHAPTER – (1) QUESTIONS AND ANSWARS
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
1.
किसने कहा अर्थशास्त्र धन का विज्ञान है ?
(a) मार्शल
(b) पीगु
(c) एडम स्मिथ
(d) रॉबिन्स
2. अर्थशास्त्र की दुर्लभता संबंधी परिभाषा के प्रतिपादक कौन है?
(a) एडम स्मिथ
(b) रॉबिन्स
(c) मार्शल
(d) सैम्युलसन
3. सांख्यिकी शब्द का प्रयोग किया जाता है?
(a) एक वचन में
(b) बहुवचन में
(c) एक वचन में और बहुवचन में
(d) इनमें कोई नहीं
4. सांख्यिकी का प्रयोग किया जाता है?
(a) व्यावसाथियों द्वारा
(b) वैज्ञानिकों द्वारा
(c) अर्थशास्त्रियों द्वारा
(d) इनमें सभी
5. प्रो० पी० सी० महालानोबिस कौन हैं?
(a) अर्थशास्त्री
(b) लेखक
(c) वैज्ञानिक
(d) संगीतज्ञ
6. आधुनिक अर्थशास्त्र के पिता कौन थे ?
(a) पॉल सैन्युलसन
(b) अलफ्रेड मार्शल
(c) एडम स्मिथ
(d) कीन्स
7. अर्थशास्त्र एक आदर्श विज्ञान है यह किसका कथन है ?
(a) पीगू
(b) स्टिग्लर
(c) रॉबिन्स
(d) विक्सटीड
8. अर्थशास्त्र विज्ञान एवं कला दोनों है" यह किसका कथन है ?
(a) एडम स्मिथ
(b) मार्शल
(c) रॉबिन्स
(d) स्टिग्लर
9. अर्थशास्त्र की आधुनिक परिभाषा को किस नाम से पुकारा जाता है ?
(a) धन केन्द्रित
(b) कल्याण केन्द्रित
(c) सीमितता केन्द्रित
(d) विकास केन्द्रित
10. " वैल्थ ऑफ नेशन्स" पुस्तक के लेखक कौन थे ?
(a) सैम्युलसन
(b) एडम स्मिथ
(c) मार्शल
(d) रॉबिन्स
11. अर्थशास्त्र अध्ययन करता है?
(a) आर्थिक क्रियाओं का
(b) धन का
(c) मनुष्य का
(d) आवश्यकताओं का
12. निम्न में से कौन सी आर्थिक क्रिया है ?
-
(a) उपभोग
(b) वितरण
(c) उत्पादन
(d) इनमें सभी
13. ' अर्थशास्त्र सीमित साधनों का विज्ञान है।" यह किसका
कथन है ?
(a) सैम्युलसन
(b) एडम स्मिथ
(c) मार्शल
(d) रॉबिन्स
14. अर्थशास्त्र कल्याण संबंधी परिभाषा किस अर्थशास्त्री द्वारा दी गई है ?
(a) रॉबिन्स
(b) जे ० के ० मेहता
(c) सैम्युलसन
(d) मार्शल
🔰पाठ्य पुस्तक प्रश्नोत्तर
प्र.1. निम्नलिखित कथन
सही है अथवा गलत?
इन्हें तदनुसार चिह्नित कीजिए।
(क) सांख्यिकी केवल मात्रात्मक आँकड़ों का अध्ययन करती है।
(ख) सांख्यिकी आर्थिक समस्याओं का समाधान करती है।
(ग) आँकड़ों के बिना अर्थशास्त्र में सांख्यिकी का कोई उपयोग नहीं है।
उत्तर: (क) सही, (ख) गलत, (ग) सही
प्र.2 बस
स्टैंड या बाजार में होने वाले क्रियाकलापों की सूची बनाएँ। इनमें से कितने आर्थिक
क्रियाकलाप हैं?
उत्तर:
बस स्टैंड में
निम्नलिखित क्रियाकलाप देखने को मिलते हैं।
यात्रियों द्वारा टिकट खरीदना.
- बस की सेवा के लिए शुल्क का भुगतान करना.
- अन्य व्यापारी या विक्रेता द्वारा सामान बेचना (उदाहरण
के लिए, बस
स्टैंड पर खाद्य पदार्थ या पेय पदार्थ बेचने वाले).
बाजार में निम्नलिखित
क्रियाकलाप देखने को मिलते हैं।
विक्रेताओं द्वारा सामान बेचना.
- ग्राहकों द्वारा सामान खरीदना.
- लोगों द्वारा खाद्य पदार्थ या अन्य वस्तुओं का व्यापार
करना
प्र.3. सरकार
और नीति-निर्माता आर्थिक विकास के लिए उपयुक्त नीतियों के निर्माण के लिए
सांख्यिकीय आँकड़ों का प्रयोग करते हैं। दो उदाहरणों सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर: आँकड़ों
के समर्थन के बिना किसी भी सरकारी नीति का निर्माण संभव नहीं है। सरकार सभी आर्थिक
समस्याओं चाहे वे निर्धनता हो,
बेरोजगारी हो, जनसंख्या
हो, जनांनकीय
चुनौतियाँ हों या कोई और समस्या हो,
का समाधान करने के लिए सांख्यिकी आँकड़ों का प्रयोग करती है।
उदाहरण के लिए, यदि सरकार
बालिकाओं के शिक्षा स्तर में सुधार के लिए एक नीति लाना चाहती है तो पहले इस
समस्या की गंभीरता एवं कारण जानने की आवश्यकता है। इसमें सांख्यिकीय उपकरण बहुत
मदद करते हैं। नीति उद्घोषणा के बाद नीति की प्रभावशीलता जानने के लिए भी
सांख्यिकी का उपयोग किया जायेगा। इसी प्रकार,
यदि सरकार देश की जनसंख्या नियंत्रित करने के लिए कुछ करना चाहती है तो इसे एक
प्रभावी नीति घोषणा करने की आवश्यकता है। घोषणा वह प्रभावी होगी जो बढ़ती हुई
जनसंख्या के कारणों पर आक्रमण करे तथा बढ़ती जनसंख्या के कारण जानने के लिए पुनः
सांख्यिकीय उपकरणों का प्रयोग करे।
प्र.4.
"आपकी आवश्यकताएँ असीमित हैं तथा उनकी पूर्ति करने के लिए
आपके पास संसाधन सीमित हैं।" उदाहरणों द्वारा इस कथन की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: हमारी
आवश्यकताएँ असीमित हैं परंतु उनकी पूर्ति करने के लिए हमारे पास संसाधन सीमित हैं।
उदाहरण के लिए, आपके
परिवार की आय सीमित है जबकि आपकी इच्छाएँ असीमित हैं। आप इतनी सारी वस्तुएँ एवं
सेवाएँ खरीदना चाहते हैं जो आप अपनी सीमित आय में नहीं खरीद सकते। अतः आपको चयन
करना पड़ता है। इसी तरह आपके पास सीमित समय है और उसके बहुत से उप्रयोग हैं। आप
खेलना चाहते हैं, नाचना
चाहते हैं, पढ़ना
चाहते हैं, सोना
चाहते हैं, बातें
करना चाहते हैं परंतु जीवन की सीमित सीमा में आप ये सब नहीं कर सकते। अतः आपको
पुनः चयन करना पड़ता है।
प्र.5. उन
आवश्यकताओं को चुनाव आप कैसे करेंगे,
जिनकी आप पूर्ति करना चाहेंगे?
उत्तर: हालाँकि
हमारी आवश्यकताएँ असीमित हैं परंतु ये आवश्यकताएँ तीव्रता एवं अनिवार्यता के स्तर
में भिन्न हैं। कुछ आवश्यकताएँ अन्य आवश्यकताओं की तुलना में अधिक तीव्र एवं
अनिवार्य होती हैं। हम अधिक तीव्र एवं अनिवार्य आवश्यकताओं को पहले प्राथमिकता
देते हैं। उदाहरण के लिए,
एक परिवार घूमने के लिए स्वीटजरलैंड जाना चाहता है तथा एक मकान खरीदना चाहता
है। क्योंकि वह किराये के मकान में रह रहा है। हम यह उम्मीद कर सकते हैं कि वह
पहले मकान खरीदेगा बाद में घूमने जायेगा। एक उपभोक्ता ऐसा समूह खरीदना चाहता है जो
उसे अधिकतम उपयोगिता प्रदान करता हो,
एक उत्पादक ऐसे समूह का चयन करता है। जिससे उसे उत्पादन लागत न्यूनतम पड़ती है, एक निवेशक ऐसे
निवेशों का चयन करता है जो उसे अधिकतम लाभ देते हों।
प्र.6. आप
अर्थशास्त्र का अध्ययन क्यों करना चाहते हैं? कारण बताइए।
उत्तर: अर्थशास्त्र
की आवश्यकता जीवन के हर क्षेत्र में पड़ती है
(क) एक उपभोक्ता के रूप में-हम सभी की सीमित आय एवं इससे हम अपनी असीमित
इच्छाएँ पूरी करना चाहते हैं। अर्थशास्त्र हमें उपभोग एवं आय के विभिन्न वस्तुओं
एवं सेवाओं में आबंटन से संबंधित संयोग का निर्णय लेने में सहायता करता है।
(ख) एक उत्पादक के रूप में-एक उत्पादक इस तरह वस्तुओं एवं सेवाओं का उत्पादन
करना चाहता है, जिससे
उत्पादन की लागत न्यूनतम तथा लाभ अधिकतम हो। अर्थशास्त्र हमें ऐसे सिद्धांत देता
है जिनसे हम ऐसे संयोग का चुनाव कर सकें।
(ग) एक निवेशक के रूप में एक निवेशक के रूप में हमें अपने धन को ऐसे परियोजना
में लगाने की आवश्यकता है। जो हमें अधिकतम अर्जन यूनतम जोखिम के साथ प्राप्त
कराये। पुनः अर्थशास्त्र हमें ऐसे सिद्धांत देता है जो ऐसा संयोग प्राप्त करने में
सहायता करते हैं।
(घ) एक नागरिक के रूप में अर्थशास्त्र हमें सरकारी नीतियों का समाज एवं
अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने में सहायता करता है। तदनुसार हम यह कह
सकते हैं कि सरकार कुशलता से कार्य कर रही है या नहीं।
(ङ) एक मनुष्य के रूप में-जब हम दुर्लभता के सिद्धांत को अपने दैनिक जीवन में
लागू करते हैं तो हमें यह अहसास होता है कि समय हमारा सबसे दुर्लभ और गैर
पुर्ननवीनीकरणीय स्रोत है। अपनी पूरी संपत्ति खर्च करके भी हम जीवन का एक क्षण
नहीं बढ़ा सकते। अतः हमें अपने समय का अवश्य ही सर्वोत्तम उपयोग करना चाहिए। यह
हमें कुशलता, सर्वोत्तम
उपयोगिता, कोई
बर्बादी नहीं, विवेकशीलता
तथा निर्णय लेना लागत लाभ विश्लेषण के आधार पर सिखाता है।
प्र.7. सांख्यिकीय
विधियाँ सामान्य बुद्धि का स्थानापन्न नहीं होती।' अपने दैनिक
जीवन के उदाहरणों द्वारा इस कथन की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: सांख्यिकीय
विधियाँ सामान्य बुद्धि का स्थानापन्न नहीं होती। बहुत बार सांख्यिकी ऐसे परिणाम
देती है जो सामान्य बुद्धि के आधार पर अर्थपूर्ण नहीं लगते। वास्तव में तो सामान्य
बुद्धि का कोई भी स्थानापन्न नहीं है,
सांख्यिकीय भी नहीं।
एक व्यक्ति ने एक सर्वेक्षण किया और पाया कि जिन स्थानों पर अस्पताल अधिक थे, वहाँ पर मृत्यु
दरें भी अधिक थी तो उसने निष्कर्ष निकाला कि अस्पताल बढ़ती मृत्यु दरों का कारण
है।
एक अन्य उदाहरण एक ऐसी परिस्थिति का हो सकता है। एक अध्यापक अपने
विद्यार्थियों के अंकों को उनके कद पर आँकड़े इकट्टे करे और पाये कि लंबे बच्चों
के अंक छोटे कद वाले विद्यार्थियों से बेहतर थे। आप यह निष्कर्ष दे दें कि कद ही
अच्छे अंकों का कारण है।
अतः हम यह कह सकते हैं कि सांख्यिकी सामान्य बुद्धि का स्थानापन्न नहीं है।
🔰विस्तृत प्रश्नोत्तर नोट्स (अन्य
महत्वपूर्ण प्रश्न)
1.अर्थशास्त्र
क्या है ? What
is Economics ?
अर्थशास्त्र, आर्थिक
समस्याओं का अध्ययन है जिनका हमें इसलिए सामना करना पड़ता है, क्योंकि हमारी
आवश्यकताएं असीमित है । जबकि हमारे साधन दुर्लभ होते हैं और इन साधनों के वैकल्पिक
उपयोग होते हैं । यदि
दुर्लभता ना होती तब कोई आर्थिक समस्या भी ना होती और यदि कोई आर्थिक समस्या ना
होती तो अर्थशास्त्र भी नहीं होता ।
रॉबिन्स के
अनुसार, “अर्थशास्त्र
वह विज्ञान है जो वैकल्पिक उपभोग वाले सीमित साधनों तथा उद्देश्यों से संबंध रखने
वाले मानव व्यवहार का अध्ययन करता है ।”
2. उपभोक्ता कौन है ? (Who is a Consumer ?)
उपभोक्ता एक वह व्यक्ति है जो अपनी आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए वस्तुओं तथा
सेवाओं का उपभोग या प्रयोग करता है ।
3. उपभोग क्या है ? (What is Consumption ?)
उपभोग एक क्रिया है जिसके द्वारा मनुष्य अपनी आवश्यकताओं की प्रत्यक्ष
संतुष्टि के लिए वस्तुओं और सेवाओं के उपयोगिता मूल्य का प्रयोग करता है । वस्तुओं
के उपयोगिता मूल्य का अर्थ है,
मानवीय आवश्यकताओं की संतुष्टि के लिए वस्तुओं और सेवाओं की क्षमता । उदाहरण
के लिए, जब हम
कोल्ड ड्रिंक का उपभोग करते हैं तो हमारी प्यास मिटती है और हमें ठंडक प्राप्त
होती है । कोल्ड ड्रिंक का यही गुण उसकी उपयोगिता मूल्य कहलाता है तथा उसको पीने
की क्रिया उपभोग कहलाता है ।
4. उत्पादक कौन है ? (Who is a Producer ?)
उत्पादक वह व्यक्ति है जो आय अर्जित करने के लिए और लाभ कमाने के उद्देश्य से
वस्तुओं और सेवाओं को उत्पादन तथा बिक्री करता है ।
5. उत्पादन क्या है ? (What is Production ?)
उत्पादन हुआ है प्रक्रिया है,
जिसके द्वारा कच्चे माल को उपयोगी वस्तुओं या सेवाओं में परिवर्तित किया जाता
है । वस्तुएं तभी उपयोगी होती है,
जब उत्पादन-प्रक्रिया के सभी
चरणों को पार
कर लेती
है व
उपयोगिता मूल्य प्राप्त कर लेती हैं।
उदाहरण के लिए, एक
साइकिल निर्माता विभिन्न कल-पुर्जों को जोड़कर साइकिल का उत्पादन करता है । एक
उपभोक्ता के लिए अकेले टायर या हैंडल का कोई उपयोग नहीं होता । अतः सभी कल-पुर्जे
मिलकर जब एक संपूर्ण साइकिल बन जाती है, तभी वह
उत्पाद कहलाती है और उसका उपयोगिता मूल्य होता है ।
6 बचत क्या है?
(What is savings ?)
बचत आय का वह भाग है जिसका उपयोग नहीं किया जाता तथा भविष्य की सुरक्षा को
ध्यान में रखते हुए वर्तमान आय में से
बचा लिया जाता है । एक तरह से बचत उपभोग का त्याग या संयम की एक क्रिया है ।
7 निवेश क्या है?
(What is Investment ?)
बचत का वह भाग जो परिसंपत्तियों
को खरीदने आदि में प्रयोग कर लिया जाता है, जो हमें अतिरिक्त आय प्रदान करता है, निवेश कहलाता
है । उदाहरण के लिए एक उत्पादक अपने वर्तमान आय में से कुछ भाग बचाकर उसे नई मशीन
खरीदने में प्रयोग कर लेता है,
तो इसे निवेश कहते हैं । इससे उसको अतिरिक्त आय प्राप्त करने में सहायता मिलती
है।
8. आर्थिक क्रिया क्या है? (What is Economic Activity ?)
यह वह क्रिया है जिसका संबंध दुर्लभ साधनों के प्रयोग से हैं । आवश्यकताओं की
तुलना में साधन सदैव दुर्लभ होते हैं। हम क्रियाओं को दो
भागों में बांटते हैं-
i) आर्थिक क्रिया-आर्थिक क्रिया वह क्रिया होती है
जिसके बदले में मनुष्य को कुछ प्रतिफल (Reward)
प्राप्त होता है । यह नगद के रूप में भी हो सकता है तथा किसी वस्तु या सेवा के
रूप में भी । उदाहरण के लिए एक अध्यापक का विद्यालय में जाकर पढ़ाना | इसके बदले में
उसे वेतन की प्राप्ति होती है । एक डॉक्टर द्वारा मरीज को देखना | इसके बदले में
उसे फीस प्राप्त होती है ।
ii) अनार्थिक या
गैर-आर्थिक क्रियाएं- अनार्थिक
या गैर-आर्थिक क्रियाएँ
वे क्रियाएँ होती हैं, जिसके बदले में
मनुष्य को कुछ प्रतिफल प्राप्त नहीं होता । उदाहरण के लिए एक अध्यापक का खुद के
बच्चों को पढ़ाना या एक गृहणी
का स्वयं अपने घर में काम करना । क्योंकि इन्हें इन कामों के लिए कोई वेतन,फीस इत्यादि
नहीं मिलता | इसलिए
इन्हें गैर- आर्थिक
क्रियाएं कहा जाता है ।
9 आर्थिक समस्या क्या है ?
मनुष्य की आवश्यकताएं असीमित होती हैं परंतु उन्हें पूरा करने वाले साधन सीमित
होते हैं । अतः मनुष्य को अपनी समस्त आवश्यकताओं में से कुछ महत्वपूर्ण आवश्यकताओं
का चुनाव करना पड़ता है तथा शेष आवश्यकताओं का त्याग करना पड़ता है । इस चुनाव की
समस्या को ही आर्थिक समस्या कहा जाता है । उदाहरण के लिए किसी के पास ₹100 है | वह इन ₹100 से पिज़्ज़ा खा
सकता है या अपनी पुस्तके ले सकता है या डॉक्टर के पास जाकर अपनी दवाई ले सकता है | अतः उस व्यक्ति
को चुनाव करना पड़ता है कि वह अपनी किस आवश्यकता को पूरा करें और किस आवश्यकता का त्याग करे ।
10 अर्थशास्त्र के कितने धटक होते है ?
अर्थशास्त्र के घटक अर्थशास्त्र के
तीन घटक होते
हैं –उपभोग, उत्पादन
तथा वितरण ।
1-उपभोग–
उपभोग के अंतर्गत मनुष्य की अपनी आवश्यकता की संतुष्टि के लिए विभिन्न वस्तुओं
और सेवाओं के उपभोक्ताओं तथा क्रेताओं के
रूप में मानव जाति के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है । एक उपभोक्ता के रूप में
लोगों के साधन सीमित होते हैं जबकि उनकी आवश्यकताएं असीमित होती हैं । उदाहरण के
लिए एक गृहस्थ की आय सीमित होती है
। उसे यह चुनाव करना पड़ता है कि अपने वेतन का कितना भाग वह भोजन, वस्त्र, मनोरंजन आदि में प्रयोग करेगा ।
जब हम मानक संबंध का एक निश्चित स्तर स्थापित कर लेते हैं, जो यह व्याख्या
करता है कि उपभोक्ता किस प्रकार से व्यवहार करते हैं तो हम इसे उपभोग सिद्धांत
कहते हैं |
2-उत्पादक–
एक उत्पादक के भी
साधन सीमित होते हैं । जबकि उसे अपने फर्मों और कारखानों के लिए उन्हें अनेक
प्रकार की वस्तुओं और सेवाओं का चयन करना पड़ता है । ऐसी दशा में एक उत्पादक संयोगों का चयन करता है
जो कम खर्चीले हो जिससे उसके
उत्पादन की लागत न्यूनतम
हो सके । ऐसा करने से ही उसे अधिकतम लाभ की प्राप्ति होगी । उत्पादक के इस व्यवहार
का अध्ययन जब मानव संबंधों का एक निश्चित स्तर स्थापित करने
के बाद, जब यह उत्पादकों का
व्यवहार अथवा उसके उत्पादन निर्णयों की व्याख्या करता है, तब हम इसे
उत्पादन सिद्धांत कहते हैं ।
3-वितरण
अर्थशास्त्र के अनुसार किसी भी वस्तु का उत्पादन करने के लिए चार कारकों की
आवश्यकता होती है-भूमि, श्रम, पूंजी और
उद्यमी । जब उत्पादक अपना उत्पाद बेचकर आय प्राप्त करता है तो इस आय को इन चार
कारकों में इनके अनुपात में बाँटा जाता है । भूमि
को अपने प्रयोग के बदले में लगान,
श्रम को
मजदूरी, पूंजी
को ब्याज तथा उद्यमी को लाभ प्राप्त होता है । उत्पादन के कारकों के स्वामियों के
बीच आय यह
वितरण किस प्रकार होता है, इस
अध्ययन को ही अर्थशास्त्र में वितरण का सिद्धांत कहा गया है ।
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